ये हैं वो 10 डायलॉग्स जिन्होंने विनोद खन्ना को 'अमर' बना दिया

ये हैं वो 10 डायलॉग्स जिन्होंने विनोद खन्ना को 'अमर' बना दिया

एक्टर विनोद खन्ना का आज दोपहर मुंबई में निधन हो गया। 70 साल के विनोद खन्ना कैंसर से जूझ रहे थे। करीब एक महीने पहले उन्हें सर एचएन रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। विनोद खन्ना एक एक्टर के साथ गुरदासपुर से बीजेपी के सांसद भी थे।विनोद खन्ना 70 के दशक के फेमस एक्टर्स में से एक थे। उन्होंने हीरो से पहले विलेन के रोल भी किए थे। 1968 में फिल्म 'मन का मीत' में काम करने के बाद उन्हें पहचान मिलना शुरू हुई थी। आइए सुनते हैं 146 फिल्में करने वाले विनोद खन्ना वो टॉप डायलॉग्स जिनसे वो फेमस हुए। 

1. दोस्ती भुलाई जा सकती है दुश्मनी नहीं


2. इज्जत वो दौलत है जो एक बार चली गई तो फिर कभी हासिल नहीं की जा सकती।



3. मैं जिस पेशे में हूं ना, वहां मेरे सिर्फ दुश्मन हैं, दोस्त कोई भी नहीं।



4. तलवार की लड़ाई तलवार से, प्यार की लड़ाई प्यार से और बेकार की लड़ाई सरकार से



5. मैंने जबसे होश संभाला है खिलौनों की जगह मौत से खेलता आया हूं। 



6. तुझ जैसे थर्ड क्लास आदमी के लिए थर्ड डिग्री ट्रीटमेंट की जरूरत है।



7. अगर नजरें खूबसूरत हों तो हर चीज खूबसूरत लगती है।



8. दर्द की दवा ना हो तो दर्द को ही दवा समझ लेना चाहिए।



9. जब्बर सिंह ने‌ सिर्फ दो ही बातें सीखी हैं... एक मौके का फायदा उठाना और अपने दुश्मन का नाम-निशान मिटा देना



10. रिटायर सिर्फ पुलिस वाले होते हैं, चोर नहीं
                                                                                                    साभार अमर उजाला