किसानों पर दबंगाई, ये कैसी नेतागिरी है भाई ?

किसानों पर दबंगाई, ये कैसी नेतागिरी है भाई ?

भोपाल /रापप्र/ रसूली पठार तहसील हुजूर भोपाल के पाँच पुश्तैनी मकानों को महापौर आलोक शर्मा के गुर्गों द्वारा दबंगाई कर तोडऩे की धमकी देने का मामला सामने आया है जिसे लेकर ग्रामवासी किसानों में रोष और म.प्र. सरकार पर चुनौती प्रतीत होती है कि जो किसानों के $कर्ज़ मा$फ कर रही है वो सरकार किसानों गा्रमीणों की सुरक्षा में सक्षम है या नहीं

 
          राइटपथ समाचार पत्र के प्र्रतिनिधी श्री हाकिम मो. खान को ग्रामीणों ने पंचनामा की $फोटोकापी सौपकर बताया कि ग्राम पंचायत रसूलिया पठार के कार्यालय के सामने की ओर पट्टे वाली सरकारी ज़मीन पर जो पांच ग्रामीण किसानों के पुश्तैनी मकान है उसी से लगी ज़मीन जिसका बहुत बड़ा $फं ट सड़क पर होने के उपरांत भी आलोक शर्मा के लोग हमें हमारे मकान तोडऩे की धमकी दे रहे है उन्होंने ग्रामीणों को डराया कि यदि तुमने ये मकान नहीं तोड़े तो हम कलैक्टर और सरकारी मिशनरी का उपयोग कर हटवा देंगे अभी दो एक दिन पहले शर्मा जी के गुर्गे तहसीलदार को भी लेकर आए थे और धमकियाँ दे रहे थे।
          मानसिक रूप से पीडि़त इन ग्रामीणों का कहना है कि ये ज़मीन हमने राकेश शर्मा को इसी आधार पर बेची थी कि हमारे मकान और गौशाला इस ज़मीन के साथ नहीं दे रहे हैं इसपर से हमें नहीं हटाया जाएगा। मगर कुछ समय पश्चात ये ज़मीन राकेश शर्मा ने आलोग शर्मा को उतार दी उस समय उन्होंने $स्वयं जो फैंसिग कराई है वो हमारे मकानों से दूर है मगर अब उनके लोगों ने परली तर$फ तो आधी सड़क पर कब्जा कर लिया और अब हम पांचों को मकान तोडऩे की धमकी दे रहे हैं जबकि ये मकान सरकारी ज़मीन पर पट्टे वाले हैं ।
      जब राइटपथ के नुमांइदे ने सरपंच और आलोक शर्मा को $फोन लगाकर उनसे जानकारी चाही तो उन्होंने $फोन नहीं उठाया।
        राइटपथ के प्रतिनिधी को गा्रमीणें ने जो पंचनामे की प्रतिलिपी दी है उसमें लिखा है कि :-यह कि हम ग्रामवाी ग्राम रसूलिया पठार के यह प्रमाणित करते हैं कि हमारे ग्राम के पुश्तैनी निवासी श्री पर्वतसिंह वल्द दयाराम मीना की जमीन जो हमारे ग्राम में थी वह 15-20 वर्ष पहले भोपाल वासी राकेश शर्मा को विक्रय कर दी और सीमांकन करा के उनको जमीन सौंप दी। और इनकी जमीन पर मवेशी बांधने के मकान बने थे और रहने का मकान बना था,सीमांकन के समय मकान शासकीय जमीन में निकले अत: इन लोगों के मकान शासकीय जमीन में बने हैं और वहाँ पर किसी गा्रमवासी को कोई आपत्ति नहीं है।
   यह बाहरी लोग अधिकारियों से मिलकर धमकी देकर तुड़वाना चाहते हैं यह बिलकुल गलत है , यह लोग अपने परिवार को लेकर कहाँ जायेंगे हम सब ग्रामवासी इसका विरोध करते हैं ।
यह रजिस्टर्ड जमीन 200$िफट के लगभग डामर रोड फ्रंट पे है,इसके बाद भी उक्त भूमि पर कब्जा करना चाह रहे हैं।
  यह कि हम ग्रामवासी यह पंचनामा लिखकर दे रहे हैं एवं इसपर अपने हस्ताक्षर करते हैं स्थानीय पर्वत सिंह जी दादा के पक्ष में ।