लॉकडाउन में ढील के साथ नियमों के नाम पर जरूरतमंदो को सताने लगी पुलिस।

लॉकडाउन में ढील के साथ नियमों के नाम पर जरूरतमंदो को सताने लगी पुलिस।



दूधमूहे बच्चे की मां-पिता और दवा लेकर लौट रहे वृद्ध को कार्रवाई के नाम पर धूप में खड़ा किया

भोपाल। लॉक डाउन में ढील के साथ ही ट्रैफिक पुलिस ने वसूली अभियान शुरु कर दिया है। नियमों के नाम पर पहले ही आर्थिक मार झेल रही आम जनता को चालानी राशि भरने के लिए सताया जा रहा है। कल सुबह करीब दस बजे अल्पना तिराहे पर पुलिस का क्रूर रूप देखने को मिला। जहां दूध मूहे बच्चे को गोद में लिए मां को धूप में खड़ा रखा गया। वहीं एक दवा लेकर लौट रहे एक वृद्ध को भी पुलिस ने धूप में खड़ा कर दिया। जबकि वृद्ध हाथ में ली दवा और डाक्टर के पर्चे दिखाकर छोडऩे की गुहार लगाता रहा। पुलिस के इस कृत्य की सोशल मीडिया फेसबुक पर जमकर आलोचना की जा रही है।
जानकारी के अनुसार सुबह करीब दस बजे एक महिला पति के साथ बीमार मासूम का चेकअप कराने के लिए निकली थी। ऑटो चल नहीं रहे हैं, कार उनके पास है नहीं ऐसे में पति और पत्नी दो पहिया वाहन से निकले थे। अल्पना तिराहे पर पुलिस ने उन्हें रोका और पांच रूपए जुर्माना स्वरूप मांगे। रकम नहीं होने की हालत में उन्हें धूप में खड़ा रखा गया। इसी बीच एक वृद्ध अकेला वहां से गुजरा, जिसका नाम मनोहर बहामने था। उन्हें हैलमेट के नाम पर चालानी राशि देने के लिए कहा गया। रकम नहीं होने की हालत में उन्हें आधे घंटे तक धूप में खड़ा रखा गया। लाख मिन्नतों के बाद भी पुलिस ने उन्हें नहीं छोड़ा। मनोहर मनोहर ने इस माले की शिकायत आला अधिकारियों से करने की बात कही है। उल्लेखनीय है कि लॉक डाउन के चलते पुलिस के तमाम मानवीय चहरे सामने आए थे। जिससे पुलिस की छवि में खासे बदलाव देखने को मिले थे। लॉक डाउन में ढील के साथ ही कुछ पुलिसकर्मी लगातार पुलिस की साख पर बट्टा लगाने का काम कर रहे हैं।
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