कभी बेटी जलेगी कभी गोली से मरेगी, बेटी बचाओ वालों की नींद कब खुलेगी

कभी बेटी जलेगी कभी गोली से मरेगी, बेटी बचाओ वालों की नींद कब खुलेगी


भोपाल। 29 अक्टूबर को ज्योति टॉकीज चौराहा, एमपी नगर पर हाथरस की बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए और देश भर में हाल ही में हरियाणा, पंजाब में महिलाओं पर क्रूर हमलों के खिलाफ अखिल भारतीय विरोध दिवस के अवसर पर 6 वामपंथी महिला संगठनों के द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र नौजवान महिलाएं शामिल हुए और जोरदार नारे लगाए गए बचेगी बेटियां तो पड़ेगी बेटियां ।



ऑल इंडिया महिला सांस्कृतिक संगठन व अन्य वामपंथी महिला संगठन द्वारा हाथरस की घटना के मामले में की जा रही लापरवाही व निष्पक्ष जांच ना करने और अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण देने के खिलाफ ज्योति टॉकीज चौराहा पर 29 अक्टूबर को विरोध प्रदर्शन किया गया। 


विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए ऑल इंडिया महिला सांस्कृतिक संगठन की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती जोली सरकार ने अपने वक्तव्य में कहा कि पूरा देश महिला और बच्चियों पर बढ़ते अपराध को लेकर दहशत में है और देश की सभी लोग गहरी चिंता में है कि कब तक आखिर महिला और छात्राओं बच्चियों पर क्रूर हमले बढ़ते जाएंगे कुछ दिनों में हमने देखा 14 सितंबर को हाथरस की घटना के बाद दिन प्रतिदिन और भी बर्बर घटनाएं सामने आई है हाल ही में हरियाणा के बल्लभगढ़ में कॉलेज की छात्रा को दिनदहाड़े 2 दरिंदों ने गोली मारकर हत्या कर दी पंजाब में 6 साल की बच्ची के साथ बलात्कार कर उसे जिंदा जला दिया गया और हाथरस की घटना हम आप सभी जानते हैं कि इस बर्बरता के साथ गैंग रेप कर उसकी जीभ काट रीड की हड्डी तक तोड़ दी गई यह घटनाएं हमारे भारत देश को बहुत ही शर्मसार कर रही है और हर व्यक्ति इस चिंता में की बच्चियों को महिलाओं को छात्राओं को कैसे बचाएं क्योंकि हमारी सरकारें ऐसी क्रूर घटनाओं के बाद भी बलात्कारियों को बचाने के लिए राजनीतिक संरक्षण दे रही हैहाथरस की घटना में हम देख रहे हैं कि किस प्रकार सी बी आई जांच के दौरान एफ आई आर को हटाया  गया इतना ही नहीं पीड़िता  के परिवार को ही फंसाने का प्रयास किया जा रहा है और उनको धमकियां दी जा रही है साथ ही इस घटना में जो पुलिस अधिकारी दोषी हैं उन पर भी किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है पूरे देश भर में इन घटनाओं के खिलाफ देश की जनता आंदोलन कर सरकार से मांग कर रही है कि  ऐसे दरिंदों को उदाहरण मुलक सजा दी जाए और ऐसी जघन्य सभी घटनाओं की त्वरित निष्पक्ष जांच की जाए और महिलाओं बच्चियों की सुरक्षा को सुनिश्चित किया जाए।  लेकिन सरकार के कान में जूं तक नहीं रेंग रही है ऐसी घटनाओं पर एक बयान तक नेता और हमारे प्रधानमंत्री का नहीं आया है सरकार का इस प्रकार का रवैया साफ-साफ दिखाता है कि हमारी सरकारें किस प्रकार से दरिंदों को बढ़ावा देने का काम कर रही है जहां महिलाओं की सुरक्षा करना चाहिए जहां दरिंदों को कठोर दंड देना चाहिए वही दरिंदों को बचाने का पूरा पूरा प्रयास चलाया जा रहा है कब तक देश की बेटियां इन दरिंदों की भेंट चढ़ती रहेगी  हमारी सरकारें नारा देती है बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ क्या लेकिन हम इसका उल्टा ही देख रहे हैं 

सरकार बेटियों को नहीं  बेटियों के बलात्कारियों को बचा रही है
यह सोचने की बात है हम सभी के लिए सोचो आखिर कब सोचोगे जब बात हमारे घर तक आएगी तब सोचोगे आज देश की जनता से हम तमाम महिला संगठन अपील करते हैं कि महिलाओं बच्चों पर बढ़ रहे क्रूर हमलों के खिलाफ और ऐसी सरकारे जो दरिंदों को बचाने का प्रयास कर रही है उनके खिलाफ एकजुट होकर जन आंदोलन करें और दबाव बनाए कि ऐसे दरिंदों को कठोर दंड दिया जाए और इस प्रकार की तमाम घटनाओं की निष्पक्ष वह तुरंत जांच की जाए जात धर्म सबसे ऊपर उठकर महिलाओं बच्चियों की सुरक्षा के लिए कठोर कदम उठाए जाएं बलात्कार जैसी घटनाओं में राजनीति करना और जात - धर्म  की आड़ लेकर दरिंदों को बचाना नहीं चलेगा, देश की जनता इस प्रकार का अन्याय बिल्कुल नहीं सहेगी इसके बाद AIDWA की प्रदेश अध्यक्ष नीना शर्मा ने अपनी बात रखी 6 वामपंथी महिला संगठनों द्वारा 

सरकार से मांग की गई

1.बलात्कार जैसी जघन्य घटनाओं में त्वरित और निष्पक्ष जांच की जाए ।
2.महिला और बच्चियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
3. अपराधियों, पुलिस अधिकारी दोषियों को उदाहरण मुलक सजा दी जाए।
4.देशभर में शराब नशा अश्लीलता पर रोक लगाई जाए।

विरोध प्रदर्शन का संचालन ऑल इंडिया महिला सांस्कृतिक संगठन की जिला सचिव आरती शर्मा द्वारा किया गया और जोरदार नारों के साथ विरोध प्रदर्शन समाप्त किया गया और जनता से अपील की गई कि आंदोलन लगातार चलता रहेगा जब तक अपराधियों को उदाहरण मुलक सजा नहीं मिलेगी।