उपचुनाव में आंतरिक कलह, बड़ामलहरा विधानसभा क्षेत्र उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी प्रद्युम्न सिंह लोधी बने मुसीबत

उपचुनाव में आंतरिक कलह, बड़ामलहरा विधानसभा क्षेत्र उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी प्रद्युम्न सिंह लोधी बने मुसीबत


 अपनों पर ही भारी: रेत खदानों से मोह, क्षेत्र में विरोध

पंकज पाराशर,छतरपुर संवाददाता
भोपाल। मध्य प्रदेश का हाई प्रोफाइल हनीट्रैप मामले की सरगना श्वेता जैन के नजदीकी का खुलासा होते ही बड़ामलहरा विधानसभा क्षेत्र उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी प्रद्युम्न सिंह लोधी मुसीबत में फसते जा रहे हैं । श्वेता जैन ने एसआईटी के सामने कई राज खोले हैं । अब क्षेत्र में ही उनके खिलाफ रेत माफियाओं को संरक्षण देने का आरोप लगने लगे हैं । प्रद्युम्न सिंह लोधी का रेत खदानों से अचानक मोह बढ़ गया है। जिसके कारण पूरे क्षेत्र में रेत माफियों की तूती बोल रही है। 
भाजपाई उनकी हरकतों से परेशान हैं और चुनावी जनसंपर्क के दौरान भी पुलिस एवं खनिज विभाग के गठजोड़ से लगातार अवैध परिवहन एवं अवैध उत्खनन जारी है। बुंदेलखंड क्षेत्र के पन्ना, टीकमगढ़ एवं छतरपुर भाजपा प्रत्याशी प्रद्युम्न सिंह लोधी भी अपने गुर्गों के सहारे रेत खदानों में अपनी हिस्सेदारी बनाए हुए हैं और लगातार वे रेत माफियों को संरक्षण देकर अवैध रेत का व्यापार संचालित कर रहे हैं। जिससे जिला प्रशासन और उनके अधीनस्थ आने वाला खनिज विभाग मूक दर्शक बना हुआ है। भाजपा में मुसीबत बने प्रद्युम्न सिंह लोधी के इशारे पर अवैध रेत की खदानें संचालित हो रही हैं। यह सभी खदानें उनके गुर्गे चला रहे हैं, उधर माफियाओं का भरपूर सहयोग मिल रहा है, जिसके कारण न पुलिस प्रशासन कोई कार्यवाही करता है और न ही खनिज विभाग का अमला। शाम ढलते ही रेत खदानों में पोपलीन मशीन एवं जेसीबी मशीन से हजारों की तादाद में ट्रकों और ट्रालों में यह रेत सप्लाई उत्तर प्रदेश में की जा रही है। यह बात भी किसी से छिपी नहीं है। जिले के आला अधिकारियों को सब जानकारी होने के बाद भी वह चुपचाप हाथ पे हाथ धरे बैठे हुए हैं। एक रेत माफिया ने जानकारी दी कि रेत के इस कारोबार में नेताओं और अधिकारियों का गठजोड़ बना हुआ है तभी यह अवैध उत्खनन धड़ल्ले से चल रहा है। बड़ामलहरा, बक्सवाहा, लवकुशनगर क्षेत्र में जगह जगह अवैध उत्खनन करा रहे हैं और उनके आकाओं  को भी इस अवैध रेत के व्यापार में एक बड़ा हिस्सा प्रतिमाह मिलता है। जिसके चलते वह प्रशासन और शासन पर अपना दबाव बनाए हुए हैं।