मध्य प्रदेश में घमासान विधायकों को सुरक्षित रखने में जुटी भाजपा व कांग्रेस: निर्दलीयों का बढ़ेगा रुतबा

मध्य प्रदेश में घमासान विधायकों को सुरक्षित रखने में जुटी भाजपा व कांग्रेस: निर्दलीयों का बढ़ेगा रुतबा


शिवराज कमलनाथ दरबार में भिंड विधायक संजीव सिंह कुशवाह, पथरिया विधायक श्रीमती रामबाई रिहार व बिजावर विधायक राजेश शुक्ला की दस्तक


पंकज पाराशर छतरपुर

भोपाल। उपचुनाव के नतीजे आने से पूर्व बहुजन समाज पार्टी  और समाजवादी पार्टी अपने अपने ‎विधायकों को सुरक्षित रखने में जुट गई है। प्रदेश की सत्ता पर काबिज होने के ‎लिए करीब संघर्ष होने के चलते दोनों ही दलों के विधायकों की भू‎मिका महत्वपूर्ण हो गई है। प्रदेश के 28 विधानसभा क्षेत्रों में हुए उपचुनाव के नतीजे 10 नवंबर को आएंगे। राजनीतिक समीकरण बदलने पर निर्दलीय चार विधायक, विधायक बसपा के दो और सपा के एक विधायक की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाएगी। हालांकि दिग्गजों का कहना है कि अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व और समर्थक करेंगे। निर्दलीय विधायकों सहित
दोनों पार्टियों ने अपने इन विधायकों को लेकर सक्रियता बढ़ा दी है, क्योंकि भाजपा और कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत नहीं होने की स्थिति में इनका महत्व बढ़ जाएगा। बसपा प्रदेशाध्यक्ष रमाकांत पिप्पल ने कहा कि हम किंगमेकर की भूमिका में होंगे। किसे समर्थन देना है और किसे नहीं, यह फैसला पार्टी सुप्रीमो मायावती करेंगी। सपा के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता यश भारतीय ने अपनी पार्टी के निलंबित विधायक के संबंध में फैसला लेने को लेकर यही कहा कि पार्टी नेतृत्व इस बारे में फैसला करेगा। मौके की नजाकत को देखते हुए पार्टी पदाधिकारी इस बात पर सहमत हैं कि निलंबित विधायकों को फिर से पार्टी में लिया जाए। निलंबित विधायक अपने स्तर पर फैसले लेते हैं। इनकी पार्टी में वापसी होती है तो पार्टी नेतृत्व उनकी ओर से फैसला ले सकेगा।
पिप्पल और भारतीय ने इस बारे में स्पष्ट तौर पर कुछ न कहते हुए बताया कि यह फैसला भी पार्टी प्रमुख को लेना है। मालूम हो ‎कि साल 2018 के विधानसभा चुनाव में बसपा के दो विधायक संजीव कुशवाह और श्रीमती रामबाई ने जीत हासिल की थी। कुशवाह ने भाजपा के साथ रहने के स्पष्ट संकेत दिए है। वहीं, पथरिया विधायक श्रीमती रामबाई को बसपा ने पहले ही पार्टी से निलंबित कर रखा है। उधर, सपा से चुनाव जीते राजेश शुक्ला को भी पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते निलंबित किया जा चुका है। राज्यसभा चुनाव में शिवराज दरबार में जाकर बिजावर विधायक राजेश शुक्ला भाजपा में जाने की विनती कर चुके हैं l उधर समय समय पर कमलनाथ दरबार में हाजिरी लगा चुके हैं l बसपा में भिंड विधायक संजीव सिंह कुशवाह के पिता राम लखन सिंह ग्वालियर चंबल में भाजपा के दमदार नेता रहे साथ ही दतिया भिंड लोकसभा क्षेत्र से भाजपा के सांसद रह चुके है l उधर कांग्रेस में उनके कमलनाथ  से पारिवारिक संबंध है l वर्ष 2018 में पुत्र संजीव सिंह कुशवाह को भिंड विधानसभा क्षेत्र में भाजपा से टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर भाजपा का साथ छोड़ दिया था l