कोरोना वैक्सीन के ट्रायल के लिए एस्ट्राजेनेका और रूस ने किया करार

कोरोना वैक्सीन के ट्रायल के लिए एस्ट्राजेनेका और रूस ने किया करार

korona vaikseen ke traayal ke lie estraajeneka aur roos ne kiya karaar

कोरोना वायरस महामारी के बीच अब दुनिया के करोड़ों लोगों को वैक्सीन की ही उम्मीद है। कई देशों में कंपनियां कोरोना की वैक्सीन बना रही हैं। वैक्सीन को लेकर रूस ने बड़ा ऐलान किया है। रूस ने वैक्सीन के ट्रायल के लिए एस्ट्राजेनेका के साथ करार करने की घोषणा की है। ट्रायल के दौरान, रूस की स्पुतनिक और एस्ट्राजेनेका वैक्सीन की खुराक मिलाकर दी जाएगी। 

पिछले महीने रूस की कोरोना वैक्सीन स्पुतनिक के डेवलपर्स ने कहा था कि एस्ट्राजेनेका को अपनी एफिशियेंसी बढ़ाने के लिए रूसी टीके की खुराक को मिलाकर प्रयोग करके देखना चाहिए। रूस ने कहा था कि उसकी वैक्सीन स्पुतनिक-5 कोरोना वायरस से लोगों को बचाने के लिए 92% प्रभावी है, जबकि एस्ट्रजोनेका ने कहा इसके परीक्षण में पता चला है कि इसकी वैक्सीन कोविड-19 ते खिलाफ 70 प्रतिशत तक प्रभावी और आगे यह कोरोना पर 90 प्रतिशत तक प्रभावी हो सकती है। रूसी टीके के डेवलपर्स ने अपने ट्विटर अकाउंट के जरिए कहा था, "अगर वे नए क्लिनिकल ट्रायल के लिए जाते हैं, तो हम उन्हें #SputnikV मानव एडेनोवायरल वेक्टर के साथ शॉट के संयोजन के एक प्रयास को कारगर बनाने का सुझाव देते हैं।"

'2020 के अंत तक एस्ट्राजेनेका की 20 करोड़ खुराकें'

एस्ट्राजेनेका ने कहा है कि 2020 के अंत तक इसकी वैक्सीन की कुल 20 करोड़ खुराकें होंगी। ब्रिटिश विकसित वैक्सीन को कई विकासशील देशों के लिए सबसे अच्छी उम्मीदों के रूप में देखा जाता है क्योंकि इसकी सस्ती कीमत और इसमें सामान्य फ्रिज के तापमान पर ले जाने की क्षमता है।