बिग बास्केट मैनेजर सुसाइड केस: पत्नी ने सिटी हेड सहित चार लोगों पर लगाया आरोप, कहा- पति को सोने भी नहीं दे रहे थे कंपनी के लोग


मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के भंवरकुआं में रहने वाले बिग बास्केट कंपनी के मैनेजर मितेश मित्तल की खुदकुशी केस में नया मोड़ आ गया है। मितेश की पत्नी नेहा मित्तल ने कंपनी के सिटी हेड सहित चार लोगों पर प्रताड़ना के आरोप लगाए। 

भंवरकुआं थाना क्षेत्र स्थित मोरनी साड़ी के पीछे एप्पल रेसीडेंसी में रहने वाली मितेश की पत्नी नेहा ने कहा, मेरे पति को पिछले कई दिनों से प्रताड़ित किया जा रहा था, जिससे तनाव में आकर मितेश बीमार भी पड़ गए थे। साथ ही उन्होंने बताया कि, जिस दिन उन्होंने आत्महत्या की उस रात कंपनी के सिटी हेड रवि शर्मा ने रात एक बजे मीटिंग रखी और सुबह 3.30 बजे उन्हें छोड़ा। 22 जनवरी से तो उन्हें सोने भी नहीं दिया जा रहा था। सुबह 9 बजे से बुलाते और रात 2 बजे के बाद छोड़ते थे। 

पत्नी ने कहा, पहले ऑडिट में 5 हजार गायब होने की बात कही गई थी, फिर कहा जाने लगा कि 3 साल में 3 करोड़ का गबन हुआ है। कंपनी के लोग उन पर तीन करोड़ के गबन का आरोप लगा कर उनको परेशान कर रहे थे। पत्नी ने बताया कि, दो दिन पहले जब पति घर में थे तो उन्हें सिटी हेड रवि शर्मा ने फोन किया। मैं पास में खड़ी थी। रवि का कहना था कि तुम गबन कबूल लो। जबकि पति बोल रहे थे जब मैंने कुछ किया ही नहीं तो क्यों कबूल लूं। इस पर रवि धमकी दे रहे थे। रवि के फोन रखते ही पति रोने लगे। मुझसे कहा- जबरदस्ती फंसाया जा रहा है।

वहीं इस मामले पर सफाई देते हुए सिटी हेड रवि शर्मा का कहना है कि, रूटीन पड़ताल के दौरान कुछ कर्मचारियों द्वारा कंपनी में आर्थिक धोखाधड़ी किए जाने की बात सामने आई। इसकी हमने पुलिस को शिकायत की है। आंतरिक जांच में पता चला कि मितेश इसमें शामिल थे, जिससे कंपनी को आर्थिक नुकसान हुआ।

क्या था मामला?

ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी बिग बास्केट में पांच साल से काम कर रहे 38 वर्षीय मैनेजर मितेश ने बुधवार सुबह जहर खा लिया। परिजन का आरोप है कि 3 करोड़ के गबन का आरोप लगा 8 दिन से प्रताड़ित किया जा रहा था। 26 जनवरी को छुट्टी के बावजूद सुबह 9 बजे बुलाया, रात 3.30 बजे छोड़ा। घर लौटकर उसने जहर खा लिया। जब पत्नी अस्पताल ले गई, वहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।