संसद में एक भी सांसद नहीं बता पाया कि कृषि कानूनों से किसानों को नुकसान क्या है: अनुराग ठाकुर


संसद द्वारा पारित तीनों कृषि कानून के खिलाफ किसान संगठनों की आंदोलन करीब तीन महीने से जारी है। दिल्ली से सटी विभिन्न राज्यों की सीमाओं पर वे लगातार आंदोलन कर रहे हैँ। अब बारी संसद की है, जहां बजट सत्र को लेकर चर्चा जारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब दिया। इस दौरान उन्होंने किसान नेताओं से अपील की कि बातचीत के रास्ते अभी भी खुले हैं, आंदोलन को खत्म कर लें। विपक्षी सांसदों ने भी लोकसभा और राज्यसभा में कृषि बिलों और किसान आंदोलन को लेकर अपने-अपने पक्ष रखे।

बुधवार को केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि सदन की चर्चा में एक भी सांसद नहीं बता पाया कि कृषि कानूनों से किसानों को नुकसान कैसे होगा। किसानों से अनुरोध है कि इनकी बातों से भ्रमित न हों। किसानों को समझने की जरूरत है कि जब कहा गया था कि उनका मंच राजनीतिक दलों के लिए नहीं है तो यह बदलाव कैसे आया।