कौन हैं जस्टिस कुरैशी? जिन्हें सुप्रीम कोर्ट लाने पर कोलेजियम में नहीं बनी सहमति

Who is Justice Qureshi? The collegium did not agree to bring the Supreme Court

भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एस ए बोबडे का 14 महीने का कार्यकाल पूरा हो रहा है। उनके रिटायरमेंट में करीब दो महीने का समय ही बचा है, लेकिन अभी तक उनके नेतृत्व वाले कोलेजियम ने हाईकोर्ट के जजों को सुप्रीम कोर्ट लाने को लेकर पहली सिफारिश नहीं की है। यह मामला त्रिपुरा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अकील कुरैशी का है जिन्हें सुप्रीम कोर्ट लाने पर जद्दोजहद चल रही है। लेकिन कोलेजियम में सहमति नहीं बन पा रही है।

इससे पहले ऐसा विवाद 2015 में मुख्य न्यायाधीश एच एल दत्तू के कार्यकाल के दौरान हुआ था। उस समय न्यायपालिका और सरकार के बीच नेशनल ज्यूडिशियल अपॉइंटमेंट्स कमीशन को लेकर तकरार चल रही थी। हालांकि, इस बार यह गतिरोध आंतरिक है।

सूत्रों ने बताया है कि कोलेजियम में जस्टिस अकील कुरैशी की सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति को लेकर सहमति नहीं बन पा रही है। हालांकि, यह पहली बार नहीं कि जब कुरैशी के नाम को लेकर बात तय होने में मुश्किलें आ रहीं हैं। गुजरात हाईकोर्ट के जज रहे जस्टिस कुरैशी की त्रिपुरा के मुख्य न्यायाधीश के तौर पर नियुक्ति के दौरान भी सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम के लिए विवाद की स्थिति बनी थी, पहले उन्हें मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के लिए मुख्य न्यायाधीश बनाया गया था लेकिन सरकार की आपत्तियों के बाद उन्हें त्रिपुरा भेजा गया। तब कोलेजियम का नेतृत्व पूर्व सीजेआई रंजन गोगोई कर रहे थे।

मौजूदा कोलेजियम में सीजेआई अरविंद शरद बोबड़े, एनवी रमन्ना, रोहिंटन नरीमन, यूयू ललित, एएम खानविलकर शामिल हैं। खास बात है कि कोलेजियम में गतिरोध उस समय सामने आया है, जब सुप्रीम कोर्ट में चार जजों की रिक्तयां हैं।