मरीज के इलाज में लापरवाही बरतने वाले डॉक्टरों पर एफ आई आर

mareej ke ilaaj mein laaparavaahee baratane vaale doktaron par eph aaee aar

भोपाल। 
राजधानी के अशोका गार्डन इलाके में स्थित एक निजी अस्पताल के डॉक्टर और प्रबंधक की लापरवाही से एक युवक की मौत हो गई। अस्पताल में बिजली की फिटिंग करते वक्त हाईटेंशन लाइन की चपेट में आई प्राइवेट इलेक्ट्रिशियन की मौत हो गई थी। गंभीर रूप से करंट से झुलसे युवक के इलाज में लापरवाही और लिखित में देने के बाद भी इलाज नहीं करने पर परिजनों की शिकायत के बाद मामला दर्ज किया। हालांकि अभी किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पुलिस के अनुसार शाहजहांआवाद में रहने वाला 20 वर्षीय संजय ठाकुर प्राइवेट इलेक्ट्रिशियन का काम करता था। 12 नवंबर को उसे प्रभात पेट्रोल पंप के पास 80 फुट रोड पर स्थित आयुष्मान अस्पताल में बिजली की फिटिंग के लिए काम करने बुलाया गया। शाम करीब 4:00 बजे संजय ठाकुर अस्पताल की ऊपरी मंजिल पर फिटिंग कर रहा था। उक्त बिल्डिंग से सटकर हाईटेंशन लाइन निकली हुई थी, जिसकी चपेट में संजय ठाकुर आ गया। गंभीर रूप से झुलस गया था। हादसे के बाद आयुष्मान अस्पताल के प्रबंधन शशि, डॉक्टर फ़ज़ल और डॉक्टर शर्मा ने उसका इलाज शुरू किया परिजन जब रात में अस्पताल पहुंचे तो दूसरी अस्पताल ले जाने के लिए तैयारी करने लगे। लेकिन दोनों डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधक ने अच्छे से इलाज का भरोसा देकर मरीज को वही रोक लिया। 
लिखित देने के बाद मुकर गए।
परिजनों को अस्पताल के प्रबंधक ने लिखित में दिया था कि संजय का पूरा इलाज अस्पताल प्रबंधन करएगा, इसकी शिकायत पुलिस थाने में नहीं करना। इसके बाद परिजन भी मान गए। लेकिन करीब 10 दिन तक उसका इलाज आयुष्मान अस्पताल में डॉक्टर फ़ज़ल और डॉक्टर शर्मा ने किया, लेकिन इलाज सही से नहीं करने पर संजय की हालत गंभीर होने लगी। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने संजय के इलाज का खर्च उठाने से मना करते हुए उसे दूसरे अस्पताल में इलाज कराने का कहकर अस्पताल से चलता कर दिया।  कुछ ही दिन में संजय की मौत हो गई।  परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने प्रबंधक शशि, डॉक्टर फ़ज़ल और डॉक्टर शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।