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    जातीय कट्टरता के नाम पर एक और युवती ऑनर किलिंग की शिकार


    भोपाल रातीबड की  भयावह  घटना पर ऑल इंडिया महिला सांस्कृतिक संगठन की मध्यप्रदेश इकाई के द्वारा वक्तव्य जारी किया गया है।  


    सभ्य और आधुनिक समाज में महिलाओ की स्वतंत्रता और  बराबरी की बात कही जाती है।  समान अधिकार  देने की बात हमारे संविधान में भी है,  पर भोपाल के  रातीबड मे घटी हुई ऑनर किलिंग की   घटना इस बात का सबूत है कि  संविधान में लिख  देना मात्र ही पर्याप्त नही है।
     

    जैसा कि भोपाल के रातीबड क्षेत्र में हुआ  
    अपनी ही बेटी की गला दबा कर निर्मम हत्या  पिता ने पुत्र के साथ मिल कर दी।  क्योंकि  बेटी ने गैर समाज के व्यक्ति को अपना जीवन साथी बनाया था।   

    जो रूढ़िवादी पिता को मंजूर नही था।  जब बेटी अपने बीमार बच्चे को लेकर मायके आयी,  और बीमारी के चलते बच्चे की मौत हो गई।  तब पिता ने बच्चे को दफनाने के लिए ले जाते समय  बेटी की भी गला दबा कर हत्या कर दी।  

    कहाॅ जा रहा है हमारा समाज। हम पहनावे में आधुनिकीकरण की ओर बढ़  रहे है, पर विचार और व्यवहार में रूढ़िवादी  कट्टरता का अनुशरण करते है।  

    इसप्रकार की घटनाओ पर रोक लगाने के लिए आवश्यक है कि 

    1- ऑनर किलिंग के अपराधियो को कड़ा दंड देना सुनिश्चित किया जाए। 

    2- जातीय,  धार्मिक और महिलाओ के प्रति रूढ़िवादी विचारों का प्रचार करने वाले नेताओ और प्रतिष्ठित व्यक्तियो पर प्रभावशाली रोक लगाई जाए।  

    3- जाति धर्म और  महिला- पुरूष  के आधार पर भेदभाव की मानसिकता को समाप्त करने के लिए  सामाजिक सांस्कृतिक तौर पर जागरूकता अभियान चलाऐ जाए। 

    4-  महिलाओ पर हिंसा की मानसिकता को बढ़ावा देने वाले  अश्लील  गीत संगीत,  सिनेमा व पोर्न फिल्मो पर रोक लगाई जाए ।

    द्वारा  
    ऑलइंडिया महिला सांस्कृतिक संगठन
     मध्यप्रदेश कमेटी

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